Saturday, 27 May 2017

नमाज पढ़ने से रोकने पर अमरोहा में सांप्रदायिक तनाव, पलायन की चेतावनी, पीएसी तैनात

आरएसएस से जुड़े किसान संघ के नेता पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, शांति भंग करने, नफरत फैलाने के आरोप में केस दर्ज



अमरोहा. उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती ही जा रही है और इसमें खुद भगवा ब्रिगेड के लोग ही कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। उत्तरप्रदेश में एक के बाद एक साम्प्रदायिक तनाव के मामलें सामने आ रहे है | अब अमरोहा के सैदनगली थाना इलाके के सकतपुर गांव में नमाज पढ़ने से रोकने पर गांव में तनाव हो गया है। अब मुस्लिम समाज के लोग गांव से पलायन करने की बात कह रहे हैं। संघ से जुड़े एक किसान नेता ने गांव में लोगो को इकठ्ठा कर मीटिंग की और फिर मुसलमानों के खिलाफ जमकर आपत्तिजनक नारे लगाए। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ गया है और यहां पुलिस के साथ पीएसी को तैनात करना पड़ गया है। यहां बता दें कि इसी किसान नेता ने 21 मई को मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी को मारने के लिए जूता उठाया था, लेकिन आरएसएस से जुड़ा होने के कारण अभी तक इस नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि पुलिस अधिकारियों के पास बैठकर ये किसान नेता पुलिस वालों को ही भ्रष्ट बता रहा है और कह रहा है की अपनी कमाई के चक्कर में पुलिस शांति नहीं होने दे रही है।

भरी पंचायत में अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

यूपी के अमरोहा जिले के सकतपुर गांव की एक मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर तनाव के बीच इलाके के सीओ और एसडीएम ने ग्रामीणों से बात की। इस पंचायत में सीओ के बराबर में बैठे सुखरामपाल राणा (जो भारतीय किसान संघ का संगठन मंत्री बताया जाता है) ने भरी पंचायत में सांप्रदायिक माहौल खराब करने के लिए पुलिस को ही ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि पुलिस अपनी कमाई के चक्कर में शांति होने नहीं देती है। झगड़ा होने में एसडीएम मजे लेते हैं सीओ साहब की कमाई हो रही है। पुलिस कभी नहीं चाहती की लफड़े बंद हों। वह चाहती है कि रोज जूत बजे, रोज भैंस खुले, रोज लड़की उठें और रोज चोरी हों। अगर शांति हो गयी तो इन बेचारों को अपनी तनख्‍वाह में काम चलाना पड़ेगा। हद तो तब हो गई जब अपने बारे में इस तरह की बातें सुनकर सीओ साहब ने नेता जी की पीठ भी थपथपा दी और ठंडा पानी पीने को दिया।

अधिकारियों को जूता मारने की कोशिश

यहां बता दें कि यह पहली बार नहीं जब सुखरामपाल राणा ने इस तरह का आपत्तिजनक कार्य किया है। इससे पहले 21 मई को जब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद के सर्किट हॉउस में मंडल की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ले रहे थे तो ये नेता जी सर्किट हॉउस के गेट पर तैनात पुलिस अधिकारियों को जूता मारने की कोशिश कर रहे थे वहीं इनके समर्थक हंगामा काट रहे थे। इस घटना की रिपोर्ट मुरादाबाद के मझोला थाने में दर्ज है, लेकिन मजाल है जो पुलिस नेता जी को कुछ कह दे।

उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में सुखरामपाल राणा ने गांव में लोगों को इकठ्ठा कर सांप्रदायिक भड़काऊ नारे लगाये और धर्म विशेष के लोगों को गालियां दीं। इतना ही नहीं इनके संगठन ने सोशल मीडिया पर भी आपत्तिजनक पोस्ट वायरल की जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। अब अमरोहा पुलिस ने सैदनगली थाने में इस किसान नेता और उसके समर्थकों के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, शांति भंग करने, नफरत फैलाने और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन गांव के अल्पसंख्यकों का कहना है कि जब गांव में उन्हें अपनी मस्जिद में नमाज़ पढ़ने से रोका जा रहा है तो वो अब इस गांव से पलायन कर जाएंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि गांव में मस्जिद नहीं मदरसा है। इसलिए दूसरे समुदाय को इसमें नमाज पढ़ने को लेकर आपत्ति है। इसलिए नमाज पढ़ने से रोका गया है।

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