Monday, 29 May 2017

योगी जी एवं संघ

भाजपा ने यूपी चुनाव बिना किसी मुख्यमंत्री चेहरे के लड़ा पूर्ण बहुमत आने के बाद भी सप्ताह भर चले मैराथन विचार विमर्श के बाद जाकर कहीं जाकर योगी आदित्यनाथ का नाम फाइनल हुआ,
लेकिन मैं जहां तक राजनीति को समझ पाया वो मैं जानता हूँ कि संघ कभी नही चाहता था कि योगी यूपी के CM बने उसका एक सबसे बड़ा कारण यह था कि योगी संघ के सदस्य नही थे, लेकिन योगी जी के पास युवा वाहिनी नाम की एक फौज है जो 15 मिनट में बिना हथियार के पाकिस्तान से भी निपट सकती है।
संघ इस सेना से भी भयभीत था कि कहीं इसका वर्चस्व इतना ना बढ़ जाये कि संघ को मुंह चिढ़ाने लगे।
लेकिन लगभग 200 विधायक की सहमति से योगी को CM चुना गया।
शुरुवात में योगी जी ने बड़ी हाहाकार मचाई लेकिन चन्द दिनों में ही यह हाहाकार खत्म हो गयी, दरअसल सबसे ज़्यादा गुंडागर्दी संघ के कार्यकर्ताओं ने फैलाई है ताकि योगी की छवि बर्बाद हो जाय इसीलिए युवा वाहिनी की नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी गयी।
अब योगी जी संघीय आतंकवाद से निपटने में नाकामयाब हैं।
सबसे बड़ी मुसीबत तो योगी जी के लिए है,
भाजपा अगर इनको हटाती है तब भी घिर जाएगी, नही हटाती है तो संघ की करतूते उसे घिरने पर मजबूर कर देंगी।
खैर कुछ भी हो मुझे लगता है कि एक साल में ही योगी जी फिर गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर की शोभा बढ़ाएंगे।
देखते जाइये कि अभी "विकास" के गर्भ में क्या क्या है??
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