Sunday, 4 June 2017

बीजेपी शासित राज्यों मे किसानों का हाहाकार, मध्य प्रदेश में शुरू हुई हिंसक झड़प

भोपाल। महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में किसानों ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इस हड़ताल का शनिवार को तीसरा दिन है। प्रदेश में इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है। दूध और सब्जियों के दाम में अचानक इजाफा हो गया है।

कई जगहों पर तो दूध और सब्जी की बिक्री के लिए पुलिसबलों की तैनाती करनी पड़ी। राज्य के किसान गुरुवार से कर्जमाफी, फसल के उचित दाम सहित कई दूसरों मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। 10 दिनों के लिए बुलाई इस हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को ही हालात बिगड़ने लगे हैं। बाजारों तक सब्जी और घरों तक पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं पहुंच पा रहा है। इस बीच, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने आंदोलन को खत्म कर दें।
गौर करने वाली बात ये भी है कि किसानों को सबसे ज्यादा समस्या बीजेपी शासित राज्यों में ही है। जहां से इस बार किसान आंदोलन की शुरूआत हुई वो महाराष्ट्र बीजेपी शासित है, गुजरात किसान आंदोलन से जल रहा है वो भी बीजेपी शासित है, मध्य प्रदेश जहां किसान आंदोलन उग्र रूप ले चुका है वो भी बीजेपी शासित है। 

वहीं मध्य प्रदेश के कई जिलो से झड़प की भी खबर आ रही है। धार जिले के पुलिस अधीक्षक बीरेन्द्र सिंह के मुताबिक, सुबह-सुबह ही धार जिले के सरदारपुर में आंदोलनकारी किसानों एवं दुकानदारों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गये और छह मोटरसाइकिल जलाने के साथ-साथ दो दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
सिंह का कहना है कि सुबह आठ और साढ़े आठ बजे के बीच आंदोलनकारी किसान झुंड बनाकर सरदारपुर में दुकानें बंद करने पहुंचे, जिसका दुकानदारों ने विरोध किया। इसी बीच दुकान बंद करवाने को ले कर दुकानदारों और आंदोलनकारी किसानों में विवाद हो गया, जो मारपीट में बदल गया।

किसानों ने विरोध में शुक्रवार को आगरा-मालवा की सड़कों पर दूध बहाया और सब्जियों को शहर तक नहीं जाने दिया। इसी तरह के हालात राज्य के दूसरे हिस्सों में भी हैं। उज्जैन की मंडी और इंदौर में दूध की दुकानों पर पुलिस तैनात करनी पड़ी है।

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