Thursday, 8 June 2017

तो इस तरह बाबासाहेब के दिए आरक्षण को छीनने में सफल हो गयी मोदी सरकार…

नई दिल्ली। मोदी सरकार पर यह आरोप लगता रहा है कि आरक्षण को खत्म करने के लिए यह सरकार किसी हद तक जा सकती है। आरएसएस कई बार आरक्षण खत्म करने का इशारा भी दे चुका है।
चूंकी आरक्षण एक संवैधानिक अधिकार है जिसकी वजह से मोदी सरकार इसे आसानी से खत्म नहीं कर सकती इसलिए आरक्षण को निष्क्रिय कर देने वाली नई-नई योजनाओं को लाया जा रहा है। सरकारी विभागों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है, जिससे कि आरक्षण का असर ही खत्म हो जाए। आरक्षण तो सरकारी विभागों में ही है जब उसे ही प्राईवेट कंपनियों के हाथों बेच दिया जाएगा तो आरक्षण सिर्फ संविधान कीशोभा बढ़ाने मात्र के लिए रह जाएगा।
शायद सरकार अपनी इसी मंशा के तहत रेलवे के 50 स्टेशनों को प्राईवेट कंपनियों के हाथों बेचने वाली है। मतलब इन 50 स्टेशनों से आरक्षण की सुविधा खत्म। अब इन स्टेशनों पर किसी भी sc, st और obc को आरक्षण के तहत नौकरी नहीं मिलेगी।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने देश के 23 स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। स्टेशनों की नीलामी होगी, इस फेहरिस्त में यूपी के दो स्टेशन शामिल हैं। पहला कानपुर सेंट्रल और दूसरा इलाहाबाद।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन की कीमत 200 करोड़ रुपए तय हुई है, जबकि इलाहाबाद स्टेशन को 150 करोड़ रुपए में बेचा जाएगा। सरकार ने सभी स्टेशनों को ऑनलाइन नीलामी के जरिए बेचने का निर्णय किया है। इसी महीने की 28 तारीख तक इच्छुक कंपनी अथवा व्यक्ति रेलवे की बेवसाइट पर जाकर स्टेशनों की बोली लगा सकता है। 30 जून को सबसे अधिक बोली लगाने वाले का नाम सार्वजनिक किया जाएगा। इसी के साथ कानपुर सेंट्रल और इलाहाबाद जंक्शन स्टेशन को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
तय किया गया है कि इस व्यवस्था में 45 साल के लिए स्टेशन को संबंधित निजी कंपनी को लीज पर दिया जाएगा। इस अवधि में कंपनी को अमुक रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से परिपूर्ण करना होगा। रेलवे ने स्टेशनों को विकसित करने के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित कर लिया है, लेकिन आमदनी में बंटवारे का फार्मूला तय नहीं हुआ है। रेलवे फिफ्टी-फिफ्टी का फार्मूला लागू करना चाहती है, जबकि निजी कंपनियों का तर्क है कि संसाधन और सेवा मुहैया कराने में लगातार खर्च आएगा, ऐसे में 70-30 फीसदी की हिस्सेदार तय होनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने पहले चरण में देश के 23 स्टेशनों को विकसित करने का फैसला किया है। बेंगलुरु छावनी, यशवंतपुर, चेन्नई सेंट्रल, रांची, उदयपुर सिटी, इंदौर, विशाखापट्टनम, हावड़ा, कामाख्या, फरीदाबाद, जम्मूतवी, सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर, कानपुर सेंट्रल, इलाहाबाद जंक्शन और जयपुर स्टेशन शामिल हैं।

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