Wednesday, 7 June 2017

जेवर गैंगरेप: वारदात के दो हफ्ते बाद भी इंसाफ का इंतजार

योगीराज में बढ़ते अपराध की सूची में जेवर इलाके में 24 मई को देर रात चार महिलाओं के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटना से पूरा देश शर्मसार हुआ है। 50 वर्र्षीय समेत चार महिलाओं के साथ आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट के अलावा सामूहिक बलात्कार किया था। करीब एक घंटे तक हैवानियत करने के बाद अपराधी खुलेआम और बेखौफ होकर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। महिलाओं के साथ बलात्कार का विरोध करने पर 40 वर्षीय व्यक्ति की गोलीमार हत्या कर दी गई थी। जबकि 3 अन्य पुरुष साथियों को बांधकर छोड़ गए थे। एसटीएफ समेत स्थानीय पुलिस की कई टीमें लगाने के बावजूद वारदात के 14 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक अपराधियों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि हादसे की पीड़ित महिलाओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष सामूहिक बलात्कार होने का बयान दर्ज कराया है।
अलबत्ता चिकित्सकीय दल ने अभी तक सामूहिक बलात्कार की पुष्टि नहीं की है। पुष्टि के लिए पीड़ितों की ब्लड स्लाइड जांच के लिए भेजी गई हैं। सीएमओ के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हो पाएगी। हालांकि मीडिया में लगातार मामला आने के बाद मृतक परिवार के परिजनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात कर पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रदान की है। अलबत्ता सामूहिक बलात्कार जैसी घटना होने पर भी न्याय नहीं मिलने से पीड़ितों की सामाजिक प्रतिष्ठा तार- तार हो गई है। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2016 में भी बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार की शमर्नाक घटना हुई थी। मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों ने घुमंतू गिरोह पर वारदात में शामिल होने का शक जताया है। बावरिया गिरोह को ध्यान में रखकर जेवर, अलीगढ़, फरीदाबाद, टप्पल, पलवल और बुलंदशहर आदि इलाकों में दबिश दी जा रही है। पुलिस जानकारों का भी मानना है कि जुलाई, 2016 में मां-बेटी के साथ बुलंदशहर में हुई घटना में भी आरोपी बावरिया गिरोह निकला था। बावरिया गिरोह के आपस में संपर्क होने की आशंका के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि कई गिरोहों पर निगाह है। अगले कुछ दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है।

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